Inner Circle Trader (ICT) क्या है? स्मार्ट मनी ट्रेडिंग की पूरी कहानी

परिचय

अगर आप फॉरेक्स या स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग सीख रहे हैं, तो आपने कभी न कभी Michael J. Huddleston का नाम जरूर सुना होगा। इन्हें ट्रेडिंग दुनिया में ICT (Inner Circle Trader) के नाम से जाना जाता है।

Inner Circle Trader (ICT) क्या है? जानिए Michael J. Huddleston की Smart Money Trading Strategy, Liquidity, Fair Value Gap और Market Structure के बारे में पूरी जानकारी।
Inner Circle Trader (ICT) की Smart Money Trading Strategy को समझाते हुए ट्रेडिंग चार्ट।


ICT ने ट्रेडिंग के बारे में एक अलग ही सोच पेश की। जहाँ ज्यादातर लोग इंडिकेटर और सिग्नल के आधार पर ट्रेड करते हैं, वहीं ICT कहते हैं कि मार्केट को समझने का असली तरीका लिक्विडिटी और स्मार्ट मनी को समझना है।

आज दुनिया भर में हजारों ट्रेडर Inner Circle Trader के कॉन्सेप्ट सीखकर ट्रेडिंग करते हैं। ICT की सबसे खास बात यह है कि यह मार्केट को उस नजर से देखने की कोशिश करता है, जिस तरह बड़े बैंक और संस्थान देखते हैं।

इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि ICT क्या है, इसके मुख्य कॉन्सेप्ट क्या हैं, और यह ट्रेडिंग की दुनिया में इतना लोकप्रिय क्यों हो गया।

ICT की शुरुआत कैसे हुई

ICT के संस्थापक Michael J. Huddleston ने लगभग 2010 के आसपास ऑनलाइन ट्रेडिंग सिखाना शुरू किया।

उस समय ज्यादातर ट्रेडिंग कोर्स और वीडियो केवल यह सिखाते थे कि:

RSI कैसे इस्तेमाल करें

MACD से ट्रेड कैसे करें

Moving Average से एंट्री कैसे लें

लेकिन ICT ने एक अलग बात कही।

उन्होंने कहा कि मार्केट रैंडम नहीं है। बड़े बैंक और संस्थान मार्केट को इस तरह चलाते हैं कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा लिक्विडिटी मिल सके।

यानी मार्केट में जो कीमत ऊपर या नीचे जाती है, उसके पीछे अक्सर बड़े खिलाड़ियों की रणनीति होती है।

यही सोच ICT ट्रेडिंग की नींव बन गई।

स्मार्ट मनी क्या होती है

ICT की पूरी ट्रेडिंग फिलॉसफी Smart Money Concept पर आधारित है।

स्मार्ट मनी का मतलब है बड़े संस्थान जैसे:

बैंक

हेज फंड

बड़े ट्रेडिंग फर्म

इनके पास बहुत बड़ी पूंजी होती है। इसलिए ये एक ही बार में बहुत बड़ा ऑर्डर नहीं डाल सकते।

उन्हें मार्केट में लिक्विडिटी चाहिए होती है ताकि वे अपनी पोजीशन आसानी से ले सकें।

यह लिक्विडिटी अक्सर रिटेल ट्रेडर्स के स्टॉप लॉस से मिलती है।

इसलिए कई बार ऐसा होता है कि:

आपका स्टॉप लॉस हिट होता है

और उसके बाद मार्केट उसी दिशा में चला जाता है

ICT के अनुसार यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि यह लिक्विडिटी हंट होता है।

लिक्विडिटी क्या है

लिक्विडिटी का मतलब है वह जगह जहाँ बहुत सारे ऑर्डर मौजूद होते हैं।

अक्सर यह जगहें होती हैं:

Equal Highs

Equal Lows

Support और Resistance

Previous Day High / Low

क्योंकि ज्यादातर ट्रेडर अपने स्टॉप लॉस इन्हीं जगहों पर लगाते हैं।

इसलिए बड़े संस्थान पहले इन लेवल्स तक मार्केट को ले जाते हैं ताकि वहाँ मौजूद स्टॉप लॉस ट्रिगर हो जाएँ।

इसे ICT में Liquidity Grab या Stop Hunt कहा जाता है।

इसके बाद अक्सर मार्केट असली दिशा में मूव करता है।

Fair Value Gap क्या होता है

ICT का सबसे लोकप्रिय कॉन्सेप्ट है Fair Value Gap (FVG)।

जब मार्केट बहुत तेजी से ऊपर या नीचे जाता है, तो कई बार कैंडल के बीच में एक छोटा सा गैप बन जाता है।

इसे ही Fair Value Gap कहा जाता है।

ICT के अनुसार मार्केट अक्सर बाद में वापस उस गैप को भरने के लिए आता है।

इसलिए कई ट्रेडर:

FVG को एंट्री ज़ोन के रूप में इस्तेमाल करते हैं

और वहाँ से ट्रेड लेते हैं

आजकल यह कॉन्सेप्ट फॉरेक्स और क्रिप्टो दोनों मार्केट में काफी लोकप्रिय हो चुका है।

मार्केट स्ट्रक्चर की भूमिका

ICT ट्रेडिंग में Market Structure भी बहुत महत्वपूर्ण है।

मार्केट हमेशा तीन चीजें करता है:

Higher High

Higher Low

Lower High

Lower Low

इन मूवमेंट्स को देखकर ट्रेडर समझते हैं कि मार्केट ट्रेंड में है या रेंज में।

ICT ट्रेडर्स अक्सर यह देखते हैं कि:

कहाँ स्ट्रक्चर टूट रहा है

कहाँ लिक्विडिटी ली जा रही है

इसे Market Structure Shift भी कहा जाता है।

ट्रेडिंग में समय क्यों महत्वपूर्ण है

ICT ट्रेडिंग का एक और खास पहलू है Time-based trading।

ICT के अनुसार हर ट्रेडिंग सेशन का अलग व्यवहार होता है।

मुख्य सेशन होते हैं:

Asian Session

London Session

New York Session

अक्सर देखा गया है कि:

Asian session में मार्केट रेंज बनाता है

London session में ब्रेकआउट होता है

New York session में बड़ा मूव आता है

इसलिए कई ICT ट्रेडर केवल इन खास समयों में ही ट्रेड करते हैं।

ज्यादातर ट्रेडर क्यों हार जाते हैं

ट्रेडिंग में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं।

लेकिन सच्चाई यह है कि लगभग 80 से 90 प्रतिशत ट्रेडर पैसे खो देते हैं।

इसके पीछे कई कारण हैं:

ओवर ट्रेडिंग

बिना स्ट्रेटेजी के ट्रेड करना

बहुत ज्यादा इंडिकेटर इस्तेमाल करना

जोखिम प्रबंधन की कमी

ICT ट्रेडिंग इन समस्याओं को कम करने की कोशिश करती है।

यह ट्रेडर्स को सिखाती है कि मार्केट को समझें, केवल अंदाज़ा न लगाएँ।

ICT इतना लोकप्रिय क्यों हो गया

पिछले कुछ वर्षों में ICT कॉन्सेप्ट बहुत तेजी से लोकप्रिय हुए हैं।

इसका एक बड़ा कारण है सोशल मीडिया।

आजकल:

YouTube

Twitter

Trading Communities

इन सभी जगहों पर ICT कॉन्सेप्ट की चर्चा होती है।

बहुत से ट्रेडिंग शिक्षक अब:

Liquidity

Fair Value Gap

Order Block

जैसे कॉन्सेप्ट सिखाते हैं।

कई बार लोग सीधे ICT से नहीं सीखते, लेकिन उनके कॉन्सेप्ट दूसरे शिक्षकों के माध्यम से सीख लेते हैं।

ICT के बारे में विवाद

ICT के बारे में कुछ विवाद भी रहे हैं।

कुछ लोग मानते हैं कि:

यह कॉन्सेप्ट बहुत जटिल हैं

इन्हें समझने में काफी समय लगता है

कुछ आलोचक यह भी कहते हैं कि कई ट्रेडर इन कॉन्सेप्ट को गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं।

लेकिन इसके बावजूद यह सच है कि ICT ने ट्रेडिंग शिक्षा की दुनिया पर गहरा प्रभाव डाला है।

निष्कर्ष

Inner Circle Trader (ICT) ट्रेडिंग को समझने का एक अलग तरीका सिखाता है।

यह ट्रेडर्स को यह समझने में मदद करता है कि:

मार्केट में लिक्विडिटी कहाँ होती है

बड़े संस्थान कैसे ट्रेड करते हैं

और कीमत किस कारण से मूव करती है

ICT कॉन्सेप्ट हर किसी के लिए आसान नहीं होते, लेकिन जो ट्रेडर इन्हें अच्छी तरह समझ लेते हैं, वे मार्केट को एक नए नजरिए से देखने लगते हैं।

ट्रेडिंग में सफलता के लिए जरूरी है:

धैर्य

अभ्यास

और सही ज्ञान

अगर आप ट्रेडिंग सीखना चाहते हैं, तो ICT कॉन्सेप्ट आपके लिए एक मजबूत आधार बन सकते हैं।

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